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11 Best Agriculture Business Ideas in Hindi | Kheti Se Paise Kaise Kamaye?

भारत एक कृषि प्रधान देश हैं और यहाँ की एक बड़ी आबादी कृषि कार्यों में संलग्न हैं। इसी वजह से पिछले कुछ सालों में यहाँ पर कृषि आधारित बिज़नेस (Agriculture Business) काफी तेजी से पनपे हैं। इसके दो मुख्य कारण यह हैं कि एक तो इनकी मांग (Demand) बहुत ज्यादा हैं और दूसरा इनमें Competition भी थोड़ा कम हैं।

इसलिए अगर आप भी खेती से अच्छा पैसा कमाना चाहते हैं तो आपको ये पोस्ट जरूर पढ़नी चाहिए जिसमें आप जानेंगे कि Kheti Se Paise Kaise Kamaye?, Agriculture Business Ideas in Hindi. आईये इसके बारे में सबकुछ विस्तार से जानते हैं।

11 Best Agriculture Business Ideas in Hindi:

जैसा कि आप सब जानते हैं कि कृषि से सम्बंधित ज्यादातर कार्य ग्रामीण इलाकों में ही होता हैं इसलिए कोई भी कृषि व्यवसाय शुरू करने के लिए ग्रामीण क्षेत्र ही सबसे उपयुक्त माना जाता हैं।

इसलिए अगर आप भी किसी ग्रामीण इलाके से ताल्लुक रखते हैं तो आपको भी कुछ ऐसे ही कृषि आधारित बिज़नेस (Agriculture Business) जरूर शुरू करने चाहिए क्यूंकि इनमें कमाई भी अन्य परम्परागत कृषि कार्यों की अपेक्षा काफी ज्यादा होती हैं।

आईये अब विस्तार से जानते हैं कि Best Agriculture Business Ideas कौन कौनसे हैं और कैसे आप खेती से ज्यादा से ज्यादा मुनाफा कमा सकते हो।

Dairy Farming (दुग्ध उत्पाद):

वैसे तो ये एक बहुत पुराना व्यवसाय हैं लेकिन पिछले कुछ सालों में Dairy Farming उद्योग में काफी तेजी देखने को मिली हैं। इसके पीछे मुख्य कारण हैं वो हैं डेरी प्रोडक्ट्स की दिनों दिन बढ़ती मांग।

Best Agriculture Business Ideas in Hindi | Kheti Se Paise Kaise Kamaye?

इसके अंतर्गत दूध, घी, मक्खन, पनीर, छाछ, दही आदि की हमेशा मार्केट में डिमांड बनी रहती हैं। और सबको इन चीजों की प्रतिदिन जरूरत होती ही हैं।

ये एक ऐसा व्यवसाय हैं जो हमेशा चलेगा और भविष्य में इन प्रोडक्ट्स की डिमांड कभी भी कम नहीं होने वाली हैं। इसलिए इस बिज़नेस में शुरुआत से ही काफी अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता हैं।

डेरी फार्मिंग व्यवसाय कैसे करें:

Dairy Farmking के अंतर्गत आपको बेहतर किस्म के दुधारू पशुओं को खरीदना होगा ताकि ज्यादा से ज्यादा दूध का उत्पादन हो सकें। पशुओं को रखने और अन्य कार्यों के लिए आपको खाली जमीन की जरूरत होगी। अगर आपके पास पहले से ही खाली जमीन हैं तो ये आपके लिए बेहतर स्थिति हैं।

इसके साथ ही आपको पशुओं की देखभाल करने और उनके चारा पानी की व्यस्था के लिए कुछ कर्मचारियों को भी काम पे रखने होगा।

आपके पास जितना ज्यादा पशुधन होगा उतना ही ज्यादा दूध का उत्पादन होगा। शुरुआत आप कुछ पशुओं से भी कर सकते हैं और बाद में धीरे धीरे उनकी संख्या बड़ा सकते हैं।

इस व्यवसाय के लिए आप नाबार्ड स्कीम के तहत बैंक से 25 लाख रूपये का लोन भी ले सकते हैं जिसमें 25 फीसदी तक सब्सिडी का भी प्रावधान हैं। अगर आप SC/ST केटेगरी से आते हैं तो आप 4.40 लाख रूपये तक की केपिटल सब्सिडी प्राप्त कर सकते हैं।

सब्जियों का उत्पादन:

साक सब्जियां हर घर की और प्रति दिन की कितनी बड़ी जरूरत हैं यह बात तो आप भी अच्छी तरह से जानते ही हैं। ताज़ा सब्जियों की मांग मार्केट में हमेशा बनी ही रहती हैं। ये भी हमेशा चलने वाला बिज़नेस हैं और इसमें भी काफी मुनाफा कमाया जा सकता हैं।

लेकिन ये मुनाफा और भी ज्यादा बढ़ सकता हैं यदि आप खुद ही अपने स्तर पर सब्जियों का उत्पादन करते हो तो।इसमें अगर आप परम्परागत तरीकों को छोड़कर कुछ आधुनिक तकनीकों को अपनाकर सब्जी का उत्पादन करते हो तो आप प्रति वर्ष 12 से 15 लाख रूपये की कमाई आसानी से कर सकते हो।

इन आधुनिक तकनीकों में स्केटिंग विधि, मल्चिंग विधि, पोली ग्रीन हाउस तकनीक, ड्रिप सिंचाई आदि प्रमुख विधियां अपनाई जाने लगी हैं।

हालाँकि इन नयी विधियों के अंतर्गत संसाधन एवं पैसा भी खूब लगता हैं लेकिन आप चाहे तो शुरुआत में परम्परागत तरीके अपनाकर भी सब्जियों का व्यवसाय शुरू कर सकते हो। इसके बाद अन्य तरीके अपनाये जा सकते हैं।

फूलो की खेती:

मार्केट में ताजा और खुशबूदार फूलों की मांग हमेशा बनी ही रहती हैं। इनका ज्यादातर उपयोग माला और गुलदस्ते बनाने, इत्र तैयार करने में होता हैं।

इसलिए अगर आपके पास थोड़ी बहुत जमीन है तो आपको इस बिज़नेस में जरूर हाथ आजमाना चाहिए। लेकिन आपको कुछ बातों का भी जरूर ध्यान रखना होगा जैसे: आपके इलाके की जलवायु कैसी हैं, मिटटी किस प्रकार की हैं, आपके खेत से निकटतम बाजार कितनी दूरी पर हैं।

इसके साथ ही आपके पास तीन या चार पहिया लोडिंग वाहन होना जरुरी हैं ताकि माल को समय रहते और सुबह जल्दी बाजार तक पहुँचाया जा सकें। अगर आप छोटे स्तर पर शुरुआत करते हो तो आप बाइक का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

फलों का उत्पादन:

अब मीठे मीठे ताजा फल खाना किसे पसंद नहीं होता हैं? बेशक, सबको होता हैं! हालाँकि ये एक Seasonable Business (मौसमी व्यवसाय) की श्रेणी में आता हैं जो कि साल के कुछ ही महीनों तक चलता हैं लेकिन सीजन आने पर इसमें भी अच्छी खासी कमाई होने के चांस होते हैं।

इसके अंतर्गत आप आम, अमरुद, अनार, अंगूर, केला, पपीता, सेब, संतरा आदि किसी भी किस्म के फलों की खेती शुरू कर सकते हैं। हालाँकि इसके अंतर्गत भी आपको अपने क्षेत्र की जलवायु और मिटटी को ध्यान में रखते हुए ही काम करना होगा।

अगर आप बड़े पैमाने पर फलों की खेती करते हैं तो आप किसी बड़े व्यापारी को अपना माल बेच सकते हैं या थोड़ा थोड़ा करके कई सारे Retailors को भी अपना माल सप्लाई कर सकते हैं।

ज्यादातर व्यापारी घर बैठे ही माल लेके जाते हैं। बस एक बार बाजार में आपका प्रोडक्ट जम गया तो फिर आपके पास खरीददारों की कोई कमी नहीं रहेगी और आपके बिज़नेस को ग्रो करने में ज्यादा समय नहीं लगेगा।

पौधों की नर्सरी:

पेड़ पौधों की गांव में तो कोई कमी नहीं होती लेकिन शहरों में फल एवं फूलों वाले पौधों की मांग हमेशा बनी रहती हैं। क्योंकि ज्यादातर लोगों को अपने घर के अंदर और बाहर गमलों में या क्यारियों में फूलों वाले खुशबूदार पौधे लगाना बेहद पसंद होता हैं। आजकल कई प्रकार के विदेशी पेड़ पौधों की भी खूब डिमांड हैं।

इस प्रकार आप समझ सकते हैं कि इस व्यवसाय में कितनी अधिक संभावना हैं। आप एक छोटी सी जगह से भी इस बिज़नेस की शुरुआत कर सकते हैं। यह एक ऐसा बिज़नेस हैं जिसके साथ आप कोई अन्य साइड बिज़नेस भी शुरू कर सकते हैं।

औषधीय जड़ी बूटियों की खेती:

कई किसान भाई आजकल औषधीय जड़ी बूटियों की खेती भी करने लगे हैं जिनमें एलोवेरा, तुलसी, सफेद मूसली, काल मेघ, गिलोय/गुडुची, अश्वगंधा, कुमारी, सर्पगंधा, कालमेघ, शतावरी, लेमनग्रास, गुग्गुलु, ब्राह्मी और आंवला प्रमुख हैं।

इस खेती में मुनाफा भी काफी ज्यादा होता हैं क्यूंकि ये फसलें काफी महंगी बिकती हैं और इनमें
कम्पटीशन भी बहुत कम हैं।

हालाँकि यह परम्परागत खेती से काफी अलग हैं और इस खेती में कई आधुनिक तरीके अपनाये जाते हैं। इसमें मानव श्रम की काफी ज्यादा जरूरत होती हैं। इस खेती को शुरू करने से पहले आपको इसके बारे अच्छे से जानकारी जुटानी होगी।

मशरूम की खेती:

मशरूम यानि कुकुरमुत्ता, इसका उपयोग सब्जी बनाने, अचार एवं पकौड़े बनाने में किया जाता हैं एवं ये काफी स्वादिष्ट एवं स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद होता हैं। इसलिए काफी महंगे दामों में बिकने के बावजूद भी लोग इसे बड़े चाव से खाते हैं। मशरूम की खेती काफी फायदेमंद होती हैं क्योंकि बाजार में इसकी काफी डिमांड रहती हैं।

Agriculture Business Ideas in Hindi | Kheti Se Paise Kaise Kamaye?
Agriculture Business Ideas in Hindi

अगर आप ठंडे पहाड़ी इलाके में रहते हैं तो आप मशरूम की खेती आसानी से कर सकते हैं। लेकिन आजकल नवीनतम तकनीकों को अपनाकर भारत के अनेक राज्यों में भी व्यापारिक स्तर पर मुख्य रूप से उगाया जा रहा है जिनमें उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, तमिलनाडु, हरियाणा, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, कर्नाटक और तेलंगाना प्रमुख हैं।

मशरूम की दुनियाभर कई किस्में पैदा की जाती है हैं लेकिन भारत में इसकी मुख्यतया तीन किस्में पैदा की जाती हैं- ढींगरी मशरूम, दूधिया मशरूम, श्वेत बटन मशरूम। मशरूम की खेती बेहद कम जगह में शुरू की जा सकती हैं। इसके लिए बैंक से लोन भी लिया जा सकता हैं।

खाद बीज की दुकान:

ग्रामीण क्षेत्रों के लिए खाद बीज की दुकान भी एक अच्छा व्यवसाय माना जाता हैं क्योंकि लगभग सभी किसानों को खेती में खाद बीज की जरूरत होती हैं। इसके लिए उन्हें कई बार दूर शहर भी जाना पड़ता हैं। इस प्रकार अगर उन्हें यह सुविधा अपने गांव के नजदीक ही मिल जाये तो उनके लिए काफी फायदेमद और होगा।

अतः आप भी चाहे तो अपने गांव या कस्बे में खाद बीज की दुकान खोल सकते हैं। इसके लिए आपके पास बीएसी (केमेस्ट्री), एग्रीकल्चर, बीएससी (गणित) की डिग्री या डिप्लोमा होना जरुरी हैं। इसके साथ आपको सरकार से जरुरी दस्तावेज एवं लाइसेंस प्राप्त करने होंगे।

मधुमक्खी पालन (Beekeeping):

खेती से जुड़ा यह बिज़नेस भी काफी फायदेमंद हैं क्योंकि मार्केट में शहद की डिमांड काफी ज्यादा हैं और इसी कारण इसका दाम भी काफी ज्यादा ही रहता हैं। इस बिज़नेस की खास बात यह हैं कि अभी इसमें कम्पटीशन भी बहुत कम हैं।

इसके व्यवसाय के अंतर्गत दो तरह के उत्पाद तैयार होते हैं- शहद एवं मोम (हनी वैक्स). इसलिए कोई भी किसान खेती के साथ साथ अतिरिक्त प्राप्त करने के लिए इस व्यवसाय को शुरु कर सकता हैं।

मछली पालन:

ग्रामीण क्षेत्रों के लिए मछली पालन भी बहुत अच्छा और फायदेमंद व्यवसाय हैं। आजकल मछली पालन की कई विधियां अपनाई जाने लगी हैं जिससे कम से कम जगह में भी बेहतर तरीके से मछलियों की पैदावार की जा सकती हैं। जैसे – बायोफ्लॉक टेक्निक।

इसके अलावा आप अपने या किराये के तालाब या पोखर में भी मछली पालन शुरु कर सकते हैं। इस व्यवसाय के लिए आप केंद्र एवं राज्य सरकार से लोन भी ले सकते हैं।

देशी/जैविक खाद उत्पादन:

आजकल देशी यानि प्राकृतिक खाद की काफी डिमांड हैं और ये बहुत महंगा भी बिकता हैं। अगर आपके पास थोड़ा बहुत पशुधन हैं तो इनके गोबर से आप आसानी से उत्तम क्वालिटी का देशी खाद तैयार कर सकते हैं।

बाद में उस खाद को तौल के हिसाब से अलग अलग पैकेट में पैक करके शहरों में बेच सकते हैं। इस देशी खाद की खेती में भी बहुत जरूरत होती हैं इसलिए आप चाहो तो इसे अन्य किसानों को भी बेच सकते हो।

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